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शरीर के इन दो हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ पर सोरायसिस का खतरा सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾! जानें सोरायसिस होने पर कैसे दिखती है सà¥à¤•िन
सोरायसिस, जिसे à¤à¤• सà¥à¤•िन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है à¤à¤• कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न विकार है। इस सà¥à¤•िन समसà¥à¤¯à¤¾ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ कोशिकाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ बहà¥à¤¤ तेजी से होने लगता है और इस वजह से आपकी सà¥à¤•िन की सतह पर à¤à¤• मोटी सी परत जमा हो जाती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको अपनी सà¥à¤•िन पर à¤à¤• परत चढ़ी हà¥à¤ˆ दिखाई देती है, जो लाल या सफेद-रंग की हो जाती है और आपको अपनी सà¥à¤•िन पर मोटे-मोटे चकतà¥à¤¤à¥‡ या घाव, जिसे पà¥à¤²à¤¾à¤• à¤à¥€ कहा जाता है दिखाई देने लगते हैं। ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ इतनी गंà¤à¥€à¤° होती है कि कà¤à¥€-कà¤à¥€ इन चकतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में दरार पड़ जाती है और खून à¤à¥€ आने लगता है।
आखिर कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है सोरायसिस
सोरायसिस हमारी सà¥à¤•िन के तेजी से बनने के दौरान वाली à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसमें कोशिकाà¤à¤‚ बहà¥à¤¤ तेजी से बनती हैं। आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ देखा जाता है कि सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ हमारी सà¥à¤•िन में गहराई से बढ़ती हैं और धीरे-धीरे सतह पर आने लगती है। जब ये सà¥à¤•िन पर बाहर आ जाती है तो सà¥à¤•िन पर à¤à¤• और परत चढ़ जाती है। सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ का विशिषà¥à¤Ÿ जीवन चकà¥à¤° à¤à¤• महीने का होता है।
किस अंग पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है सोरायसिस का खतरा
सोरायसिस जैसी सà¥à¤•िन समसà¥à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ आमतौर पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जोड़ों से शà¥à¤°à¥‚ होती हैं, जैसे कि कोहनी और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡à¥¤ ये सà¥à¤•िन समसà¥à¤¯à¤¾ कà¤à¥€ à¤à¥€ शरीर के दूसरे अंगों पर विकसित नहीं होती है, जिनमें हाथ, पैर, गरदन, सà¥à¤•ैलà¥à¤ª, चेहरा शामिल हैं। कà¤à¥€ कà¤à¥€ सोरायसिस नाखून, मà¥à¤‚ह और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के जननांगों के आसपास वाले अंग को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है और आपके लिठचीजें मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाती है।
सोरायसिस के आम लकà¥à¤·à¤£
सोरायसिस के लकà¥à¤·à¤£ आपको हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग देखने को मिलेंगे और लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को होने वाले सोरायसिस के पà¥à¤°à¤•ार पर निरà¥à¤à¤° करती है। सोरायसिस से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सà¥à¤•ैलà¥à¤ª या कोहनी पर बारिश की छोटी-छोटी बूंदो के आकार जैसे फटती हà¥à¤ˆ सà¥à¤•िन दिखाई दे सकती है लेकिन ये शरीर के दूसरे अंगों में à¤à¥€ फैल सकता है।
1-तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल उà¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ पैच, जिसमें खà¥à¤œà¤²à¥€ और जलन होती है।
2-लाल पैच पर सफेद और चांदी के छलà¥à¤²à¥‡ जैसा दिखाई देना।
3-डà¥à¤°à¤¾à¤ˆ सà¥à¤•िन, जिसमें दरार और रकà¥à¤¤ सà¥à¤°à¤¾à¤µ होने का खतरा रहता है।
4-पैच के आसपास खà¥à¤œà¤²à¥€ और जलन या फिर दरà¥à¤¦ होना।
सोरायसिस के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£
बता दें कि सोरायसिस के गंà¤à¥€à¤° या फिर शरीर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिनों तक बने रहने से 5 से 40 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ रोगियों को अपने जोड़ों में दरà¥à¤¦ और सूजन जैसी परेशानी à¤à¥€ महसूस होती है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से कà¥à¤› रोगियों के नाखून à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाते हैं और उन पर रोग के चिहà¥à¤¨ दिखाई देने लगते हैं।
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